विद्या उपासकों ने मांगा नौ हजार वेतन

चंबा। ग्रामीण विद्या उपासक (ईजीएस) अध्यापक संघ का एक प्रतिनिधिमंडल संघ के राज्य उपाध्यक्ष और जिला अध्यक्ष देवपाल सिंह बलौरिया की अध्यक्षता में एडीएम संदीप कुमार से मिला। इस मौके पर उन्होंने एडीएम को अपनी मांगों से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2001 से 2005 तक एजूकेशन गारंटी स्कीम के तहत विभिन्न स्कूलों में 401 ईजीएस अनुदेशक नियुक्त किए गए थे। इनकी नियुक्ति सर्वशिक्षा अभियान के तहत हुई थी। उन्होंने कहा कि 11 फरवरी 2009 को प्रदेश सरकार ने चार साल का सेवाकाल पूरा कर चुके 127 ईजीएस अनुदेशकों को विद्या उपासक बना दिया। इन अध्यापकों को स्कूलों में रिक्त पड़े जेबीटी के पदों पर तैनात कर दिया गया है, लेकिन नियुक्ति अधिसूचना के साथ वेतन अधिसूचना जारी नहीं की गई। उन्होंने कहा कि विद्या उपासक बनाए जाने के एक साल बाद भी उन्हें 3500 रुपये वेतन दिया जाता है, जबकि उन्हें घर से 50 से 100 किलोमीटर दूर ड्यूटी करनी पड़ रही है। ऐसे में इस महंगाई के दौर में गुजारा करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि कई स्कूलों का सारा कामकाज भी विद्या उपासकों को देखना पड़ रहा है। उन्होंने एडीएम के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेजा है और मांग की है कि उन्हें आठ हजार 910 रुपये न्यूनतम वेतन दिया जाए। इसके अलावा आठ से दस वर्ष का कार्यालय पूरा कर चुके विद्या उपासकों को एनओएस या इग्नू से 240 दिन का प्रशिक्षण दिलवाकर नियमित किया जाए। इस अवसर पर संघ के सचिव नरेंद्र कुमार, उपप्रधान हेम राज, नरेश कुमार, राजकुमार, जगदीश शर्मा, योग राज, चमन, कर्म चंद, तिलक राज, नरेंद्र और शमशेर मौजूद रहे।

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